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‘ऐसे-ऐसे’- NCERT Solution For Class 6 Hindi Chapter 8

पाठ 8 - ‘ऐसे – ऐसे’

यहाँ हम हिंदी कक्षा 6 वसंत भाग – 1, गद्य पाठ क्रमांक 8 - ‘ऐसे – ऐसे’ इस गद्य पाठ के MCQ प्रश्न, अतिरिक्त प्रश्न और NCERT पुस्तक के अनुसार अभ्यास प्रश्नों के उत्तर इन सभी के बारे में जानेंगे ....

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By Apani Bhasha

1) MCQ

2) अतिरिक्त प्रश्न

3) प्रश्न अभ्यास

 

लेखक परिचय

लेखक  – विष्णु प्रभाकर

जन्म – 1912-2009

MCQ

प्रश्न 1. निम्नलिखित सवालों के उचित विकल्प चुनकर जवाब दीजिए|                                                                               

1) इस पाठ के लेखक कौन हैं?

क) विष्णु प्रभाकर 

ख) प्रेमचंद

ग) गुणाकार मुले

2) इस नाटक में कितने पत्र हैं?

क) सात

ख) आठ 

ग) नौ

3) मोहन कौन-सी कक्षा में पढ़ता है?

क) दूसरी

ख) तीसरी 

ग) चौथी

4) मोहन को क्या बीमारी हो गई है?

क) ऐसे-ऐसे 

ख) सिरदर्द

ग) जुकाम

5) मोहन ने क्या खाया था?

क) एक आम और केला

ख) एक केला और संतरा 

ग) एक केला और सेब

6) प्रथम बार फोन पर सामने से कौन बात करता है?

क) मोहन के अध्यापक

ख) मोहन का दोस्त

ग) डॉक्टर 

7) मोहन के एक पड़ोसी का नाम?

क) दीनानाथ 

ख) नवनाथ

ग) आदिनाथ

8) मोहन के पड़ोसी ने मोहन का इलाज करने के लिए किसको आने के लिए कहा था?

क) डॉक्टर को

ख) वैद्य जी को 

ग) अध्यापक को

9) वैद्य जी ने मोहन को दी हुई दवाई कैसे लेनी थी?

क) ठंडे पानी से

ख) बिना पानी के

ग) गरम पानी से 

10) वैद्य जी के जाने के बाद मोहन का इलाज करने कौन आता है?

क) वैद्य जी

ख) अध्यापक

ग) डॉक्टर 

11)  वैद्य जी के बाद मोहन का इलाज करने कौन आ जाते हैं?

क) डॉक्टर 

ख) वैद्य जी

ग) अध्यापक

12) डॉक्टर मोहन को कौन-सी बीमारी बताते हैं?

क) फोड़ा

ख) कब्ज 

ग) सिरदर्द

13) मोहन को ठीक होने के लिए कितने खुराक की आवश्यकता डॉक्टर ने बताई है?

क) तीन

ख) दो

ग) एक 

14) मोहन की पड़ोसिन कौन थी?

क) रामू की काकी 

ख) शामू की काकी

ग) दामू की काकी

15) मोहन की माँ पड़ोसिन से बात करती है तब मोहन के घर पर कौन आ जाते हैं?

क) डॉक्टर

ख) वैद्य जी

ग) मास्टर जी 

16) तुम्हारे बिना क्लास में ……….……….. नहीं|

क) रौनक 

ख) रोहन

ग) रोमन 

17) मास्टर जी के कहने से मोहन की बीमारी की दवा किसके पास है?

क) डॉक्टर के पास

ख) मास्टर जी के पास 

ग) वैद्य जी के पास

18) बीमारी भगाने के लिए मास्टर जी ने मोहन से पहला सवाल क्या पूछा?

क) तुमने क्या कुछ बाहर का खाया था?

ख) स्कूल का काम तो पूरा कर लिया है? 

ग) खेलते वक्त क्या तुम गिर गए थे?

19) जब मास्टर जी ने बताया की ‘ऐसे-ऐसे’ काम न करने का डर है, तो मोहन ने क्या किया?

क) मोहन ने अपना मुँह छिपा लिया 

ख) मोहन वहाँ से भाग गया

ग) मोहन जोर-जोर से हँसने लगा

20) मोहन नाटक कर रहा था यह बात जब मोहन के पिता को पता चली तो क्या हुआ?

क) दवा की शीशी मोहन के हाथों में दे देते हैं

ख) दवा की शीशी अलमारी में रख देते हैं

ग) दवा की शीशी उनके हाथों से छूटकर फ़र्श पर गिर गई 

उत्तर  
1-क  2-ख  3-ख  4-क  5-ख 
6-ग   7-क  8-ख    9-ग    10-ग  
11-क   12-ख  13-ग    14-क    15-ग  
16-क   17-ख  18-ख    19-क    20-ग  



अतिरिक्त प्रश्न 

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए|

1) ‘ऐसे – ऐसे’ इस पाठ के लेखक कौन है?

उत्तर :- ‘ऐसे – ऐसे’ इस पाठ के लेखक विष्णु प्रभाकर जी है|

2) ‘ऐसे – ऐसे’ इस नाटक में कितने पात्र है?

उत्तर :- ‘ऐसे – ऐसे’ इस नाटक में आठ पात्र हैं|

3) नाटक की शुरुआत में कौन बीमारी की अवस्था में था?

उत्तर :- नाटक की शुरुआत में मोहन बीमारी की अवस्था में था|

4) मोहन ने क्या खाया था?

उत्तर :- मोहन ने एक केला और एक संतरा खाया था|

5) मोहन के पेट में क्या हो रहा था?

उत्तर :- मोहन के पेट में ‘ऐसे – ऐसे’ हो रहा था|

6) माँ ने मोहन की बीमारी ठीक करने के लिए मोहन को खाने के लिए क्या-क्या दिया था?

उत्तर :- माँ ने मोहन की बीमारी ठीक करने के लिए मोहन को खाने के लिए हींग, चूरन, पिपरमेंट आदि दिया था|

7) घर में सर्वप्रथम किसका फोन आता है?

उत्तर :- घर में सर्वप्रथम डॉक्टर का फोन आता है|

8) मोहन की माँ को किस बात का डर था?

उत्तर :- मोहन कल स्कूल कैसे जाएगा इस बात का डर मोहन की माँ को था|

9) मोहन के पड़ोसी का नाम क्या था?

उत्तर :- मोहन के पड़ोसी का नाम दीनानाथ था|

10) वैद्य जी ने आते ही मोहन से क्या-क्या सवाल पूछे?

उत्तर :- कहो बेटा, खेलने से जी भर गया क्या? कोई धमा-चौकड़ी करने को नहीं बची है क्या? आदि सवाल पूछे|

11) वैद्य जी के अनुसार मोहन को क्या हुआ था?

उत्तर :- वैद्य जी के अनुसार मोहन को कब्ज हुआ था|

12) डॉक्टर साहब ने मोहन का पेट किससे सेंक ने को कहा?

उत्तर :- डॉक्टर साहब ने मोहन का पेट गरम पानी की बोतल से सेंक ने को कहा|

13) डॉक्टर चले जाने के बाद मोहन का हाल पूछने के लिए घर पर कौन आया था?

उत्तर :- डॉक्टर चले जाने के बाद मोहन का हाल पूछने के लिए घर पर मोहन की पड़ोसिन रामू की काकी आई थी|

14) मोहन की बीमारी की असली वजह क्या थी?

उत्तर :- मोहन की बीमारी की असली वजह थी स्कूल का काम न करना यह थी|

15) मोहन के बीमार होने के नाटक में कितने रुपये खर्च हुए थे?

उत्तर :- मोहन के बीमार होने के नाटक में पंद्रह-बीस रुपये खर्च हुए थे?

16) मोहन के पिताजी के हाथ से दवा की शीशी क्यों छूट जाती है?

उत्तर :- मोहन की बीमारी की सच्चाई सुनने के कारण पिताजी के हाथ से दवा की शीशी छूट जाती है|

 

प्रश्न अभ्यास

एकांकी से

1) ‘सड़क के किनारे एक सुंदर फ्लैट में बैठक का दृश्य। उसका एक दरवाज़ा सड़क वाले बरामदे में खुलता है…………………. उस पर एक फ़ोन रखा है। इस बैठक की पूरी तसवीर बनाओ।
उत्तर :- ‘सड़क के किनारे एक सुंदर फ्लैट में बैठक का दृश्य। उसका एक दरवाज़ा सड़क वाले बरामदे में खुलता है, दूसरा अंदर के कमरे में, तीसरा रसोई घर में, अलमारियों में पुस्तके लगी है, एक ओर टेबल पर टी.वी रखा हुआ है, सामने दोनों तरफ सोफ़ा-सेट रखे हुए हैं, बीच में एक छोटी-सी मेज है, फर्श पर कालीन बिछी हुई है, दरवाजों पर रंगीन परदे लहरा रहे हैं, टी.वी. के पास एक छोटी-सी मेज भी है| उस पर एक फ़ोन रखा है।   

2) माँ मोहन के ‘ऐसे-ऐसे’ कहने पर क्यों घबरा रही थी?
उत्तर :- माँ तो माँ होती है| माँ का घबराना तो स्वाभाविक था क्योंकि मोहन की हालत ही कुछ ऐसी हो गई थी कि वह कुछ भी बताता नहीं था सिफ़ ऐसे – ऐसे किए जा रहा था| मोहन को यह किस प्रकार की बीमारी हो गई है, छोटे-से बच्चे की कैसी हालत हो गई है, कल वह स्कूल कैसे जा पाएगा यह सोचकर माँ घबरा गई थी|

3) ऐसे कौन-कौन से बहाने होते हैं जिन्हें मास्टर जी एक ही बार सुनकर समझ जाते हैं? ऐसे कुछ बहानों के बारे में लिखो।
उत्तर :- बुखार आना, खासी आना, सिर दर्द, बस छूट जाना, साइकिल ना होना, माता-पिता के साथ गाँव जाना, माता-पिता की बीमारी, स्कूल छोड़ने के लिए घर पर कोई न होना, गाँव जाना, शादी में जाना, बहन की शादी आदि बहुत सारे बहाने बच्चें बनाते हैं|

 

अनुमान और कल्पना

1) स्कूल के काम से बचने के लिए मोहन ने कई बार पेट में ऐसे-ऐसे’ होने के बहाने बनाए। मान लो, एक बार उसे सचमुच पेट में दर्द हो गया और उसकी बातों पर लोगों ने विश्वास नहीं किया, तब मोहन पर क्या बीती होगी?
उत्तर :- स्कूल के काम से बचने के लिए मोहन ने कई बार पेट में ऐसे-ऐसे’ होने के बहाने बनाए। यदि किसी दिन मोहन को सचमुच पेट में दर्द हो गया और लोगों ने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया होगा तो मोहन को बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ा होगा| उसे बार-बार लोगों को अपनी सच्चाई बताने के लिए मिन्नतें करनी पड़ी होगी| इतना करने के बावजूद भी लोग उसकी बात पर विश्वास नहीं करते, सोचते की यह बहाने बना रहा है| इससे उसका दर्द बढ़ता ही जाता और उसे बहुत दर्द होता| तब मोहन को झूठ बोलने के नुकसान पता चलते और इस के बाद अपनी आदत पर पछतावा करके मोहन कभी-भी झूठ नहीं बोलने का वादा करता होगा|

2) पाठ में आए वाक्य ‘लोचा-लोचा फिरे है, के बदले ढीला-ढाला हो गया है या बहुत कमज़ोर हो गया है-लिखा जा सकता है लेकिन, लेखक ने संवाद में विशेषता लाने के लिए बोलियों के रंग-ढंग का उपयोग किया है। इस पाठ में इस तरह की अन्य पंक्तियाँ भी हैं; जैसे-
-इत्ती नई-नई बीमारियाँ निकली हैं,
-राम मारी बीमारियों ने तंग कर दिया,
-तेरे पेट में तो बड़ी दाढ़ी है।
अनुमान लगाओ, इन पंक्तियों को दूसरे ढंग से कैसे लिखा जा सकता है।
उत्तर :-

-बहुत ही अलग-अलग-किस्म की बीमारियाँ निकली हैं|
-इन सारी बीमारियों ने तो नाक में दम कर दिया है|
-तुम तो बहुत शातिर हो|

3) मान लो कि तुम मोहन की तबीयत पूछने जाते हो। तुम अपने और मोहन के बीच की बातचीत को संवाद के रूप में लिखो।

उत्तर :-

मैं :– हाय मोहन, कैसे हो? क्या हुआ तुम्हें?

मोहन :– पता नहीं यार बस पेट में ऐसे – ऐसे हो रहा है|

मैं :- ऐसे - ऐसे मतलब?

मोहन :- बस ऐसे – ऐसे ही हो रहा है (मोहन कराहता है)

मैं :- तो फिर डॉक्टर के पास क्यों नहीं गया|

मोहन :- डॉक्टर अभी-अभी आकार गए है| उन्होंने कुछ दवा दी है खाने के लिए|

मैं :- क्या हुआ? उन्होंने कुछ बताया?

मोहन :- उन्होंने कब्ज और बदहजमी बताया है।

मैं :- तो घबराने की कोई बात नहीं ठीक हो जाएगा| डॉक्टर ने दी हुई दवाईयां समय पर खाओ| जल्दी ठीक हो जाओगे|

मोहन :- हाँ यार बीमारी में बहुत तकलीफ होती है|

मैं :- ओ तो है| समय पर खाने-पीने का खयाल रखोगे तो इस प्रकार की मुसीबत से बच सकते है हम|

मोहन :- हंss

मैं :- चलो फिर, जल्दी ठीक हो जाओ कल स्कूल भी तो जाना है| याद है न?

मोहन :- हाँ-हाँ याद है|

मैं :- अच्छा तो मैं चलता हूँ| भगवान करें तुम जल्दी ठीक हो जाए| कल मिलेंगे स्कूल में|(हाथ हिलाते हुए) बाई-बाई!

मोहन :- (हल्की-सी मुस्कान के साथ हाथ हिलाते हुए) अच्छा! धन्यवाद! 

4) संकट के समय के लिए कौन-कौन से नंबर याद रखे जाने चाहिए? ऐसे वक्त में पुलिस, फायर ब्रिगेड और डॉक्टर से तुम कैसे बात करोगे? कक्षा में करके बताओ।
उत्तर :- संकट के समय हमें डॉक्टर, एंबुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड, सर्प मित्र, घर के बड़े सदस्य आदियों के नंबर याद रखे जाने चाहिए| हम डॉक्टर, एंबुलेंस के चालक, पुलिस, फायर ब्रिगेड वाले, सर्प मित्र आदियों के साथ पूरी नम्रता के साथ प्रार्थना करते हुए बात करेंगे| समस्या के बारे में स्पष्टता से जानकारी देंगे| तथा जिस भी जगह पर हम मुसीबत में है वहाँ का सही-सही पता बताएंगे|  शीघ्रता से आने के लिए उन्हें प्रार्थना करेंगे|


ऐसा होता तो क्या होता…
मास्टर- स्कूल का काम तो पूरा कर लिया है?
(मोहन हाँ में सिर हिलाता है।)
मोहन- जी, सब काम पूरा कर लिया है।
इस स्थिति में नाटक का अंत क्या होता? लिखो।
उत्तर :- मास्टर जी मोहन के प्रति हमदर्दी जताते, वे समझ जाते की मोहन को तकलीफ हो रही है| वह मोहन के पिताजी को उसे डॉक्टर के पास ले जाकर सही-सही इलाज करने की सलाह देते हैं| तथा उसका ध्यान रखने के लिए कहते हैं|

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CBSE कक्षा 6 हिंदी 
हिंदी - वसंत भाग - 1 

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पाठ 2 - बचपन 
पाठ 3 - नादान दोस्त 
पाठ 4 - चाँद से थोड़ी-सी गप्पें 
पाठ 5 - अक्षरों का महत्व 
पाठ 6 - पार नजर के 
पाठ 7 - साथी हाथ बढ़ाना 
पाठ 8 - ऐसे-ऐसे 
पाठ 9 - टिकट - अलबम 

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